भारत की सबसे पुरानी शास्त्रीय भाषा कौन सी है? हिंदी में जानें

भारत की सबसे पुरानी शास्त्रीय भाषा कौन सी है

सबसे पुरानी शास्त्रीय भाषा:  भारत में अभी तक 6 भाषाओँ को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला है- संस्कृत, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़ और उड़िया. किसी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने की कुछ विशेष शर्ते हैं, जिनका उस भाषा द्वारा पालन करना आवश्यक है. शास्त्रीय भाषा जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि ये शास्त्रों की भाषा है मगर ऐसा भी नहीं है कि इनका विस्तार केवल शास्त्रों तक ही सीमित है.

प्राचीन काल में इन भाषाओँ में ही आम जनमानस संवाद करता था. हालांकि अब इन भाषाओँ का संवाद के लिए ज्यादा प्रयोग नहीं हो रहा है विशेष तौर पर संस्कृत का. बाकि शास्त्रीय भाषाएँ कुछ विशेष क्षेत्रों में बोली जाती हैं लेकिन संस्कृत का आम बोल चाल में पूरी तरह से आभाव हो गया है.

खैर अब पहले जान लेते हैं शास्त्रीय भाषा क्या है? फिर सबसे पुरानी शास्त्रीय भाषा पर चर्चा करेंगे.

शास्त्रीय भाषा क्या है?

शास्त्रीय भाषा उन भाषाओं को कहते हैं जिनका हजारों वर्षों पुराना ऐतिहासिक, सामाजिक और समृद्ध साहित्यिक इतिहास रहा हो और जिनकी साहित्यिक परंपरा में मौलिकता हो अर्थात् उन भाषाओँ की उत्पत्ति किसी अन्य भाषा से ना हुई हो। साथ ही ये प्राचीन साहित्य/ग्रंथों का एक हिस्सा हो जिसे बोलने वाले लोगों की पीढ़ियों द्वारा एक मूल्यवान विरासत माना जाता हो।

शास्त्रीय भाषा और साहित्य, आधुनिक भाषा और साहित्य से भिन्न हैं इसलिये इसके बाद के रूपों के बीच असमानता भी हो सकती है।

संविधान सभा में संस्कृत भाषा वोटों के आधार पर देश की  आधिकारिक भाषा नहीं बन सकी थी इसलिए बाद में  अनुच्छेद 351 के तहत कुछ भारतीय भाषाओं को विशेष भाषा का दर्जा देने का प्रावधान दिया गया। भारत की भाषायी विविधता की पहचान और सम्मान करते हुए संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को सम्मिलित किया गया है।

भारत की सबसे पुरानी शास्त्रीय भाषा कौन सी है?

किसी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 2004 में की गई थी. तमिल भारत की पहली भाषा है जिसे शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त हुआ था अर्थात् भारत की सबसे पुरानी शास्त्रीय भाषा तमिल है। तमिल को 2004 में एक शास्त्रीय भाषा के रूप में घोषित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2005 में संस्कृत को भारत की दूसरी शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला था. हालांकि संस्कृत अब मूल भाषा के रूप में नहीं बोली जाती है, लेकिन अनुष्ठानों, साहित्य और शैक्षणिक संदर्भों में इसका अध्ययन और उपयोग जारी है।

वहीँ अगर भारत की सबसे नवीन शास्त्रीय भाषा की बात करें तो उड़िया भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सबसे नवीनतम शास्त्रीय भाषा है। इसे संस्कृति मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014 में शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी गई थी।

शास्त्रीय भाषा के बारे में विस्तार से पढ़ें– शास्त्रीय भाषा क्या होती है | भारत मे वर्तमान मे कितनी शास्त्रीय भाषाएँ हैं

https://anandcircle.com/wp-admin/options-general.php?page=ad-inserter.php#tab-6

1 thought on “भारत की सबसे पुरानी शास्त्रीय भाषा कौन सी है? हिंदी में जानें”

  1. Pingback: नवीनतम शास्त्रीय भाषा- भारत सरकार का फैसला, 3 भाषाएँ और होंगी शास्त्रीय भाषा में शामिल

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
इस देश में सैकड़ों सालों तक धधकते रह सकते हैं ज्वालामुखी किसने दिया था “भारत भारतीयों के लिए” का नारा पहली बार इतने लोगों को मिला भारत रत्न पुरस्कार, जानिए सभी के नाम Munawar Faruqui- कौन हैं बिग बॉस 17 के विनर मुनव्वर फारुकी Bihar Politics- इतनी बार नीतीश कुमार ने मारी पलटी, ऐसे ही नहीं कहा जाता पल्टूराम नीतीश