Election Results 2023: विधानसभा चुनावो में कांग्रेस की हार के 5 कारण क्या थे?

Election Results 2023

Election Results– 3 दिसम्बर को जारी हुए चुनाव परिणामों ने लगभग लगभग आम चुनावों के परिणाम पर मुहर लगा दी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी चुनावों में जीत के बाद इशारों इशारों में यही कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं आज की हैट्रिक अर्थात तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनावों में मिली जीत ने 2024 के आम चुनाव में जीत की गारंटी दे दी है.

प्रधानमंत्री ने जीत के बाद ये भी कहा कि यह चुनाव उन लोगों के लिए सबक है जो लगातार समाज को जातियों में बाँटने की कोशिशें कर रहे है. उन्होंने इसे नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसान और गरीब परिवारों की जीत कहा.

आपको बता दें 5 राज्यों में हुए चुनावों में 3 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने जीत हासिल की है जबकि तेलंगाना में कांग्रेस को जीत मिली है. मिजोरम में मतगणना होना बाकि है. मिजोरम में मतगणना 4 दिसम्बर को होगी.  चुनाव परिणामों ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को आम चुनाव से पहले बड़ा झटका दिया है, जबकि मध्य प्रदेश में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरक़रार रखी है. राजस्थान ने हर बार की तरह इस बार भी सत्ता बदलने का रिवाज बरकरार रखा है.

Election Results- विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के कारण

2024 के आम चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए यह जीत बड़े मायने रखती है. इन विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत के कई कारण हो सकते हैं, परंतु देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस अपनी हार के बड़े कारणों पर जरूर सोच-विचार करेगी. यदि ऊपरी तौर पर देखा जाए तो कांग्रेस की हार के 5 बड़े कारण ये हो सकते हैं

  1. कमजोर कम्युनिकेशन – कांग्रेस के पुरे संगठन को देखा जाये और उनके नेताओं के बयानों पर विचार किया जाये तो साफ दिखाई देता है कि नेतृत्व की बात संगठन तक साफ-साफ नहीं पहुंच पा रही है. इस बार प्रियंका गांधी ने काफी प्रचार किया और कई तरह के वादे किए. परंतु वे वादे लोगों को समझ नहीं आए. लगभग यही स्थिति राहुल गांधी की भी रही है. उन्होंने प्रचार तो किया, मगर लोगों से सीधे कनेक्ट नहीं कर पाए.
  2.  कांग्रेस का लचर संगठन – जमीनी स्तर पर कांग्रेस का संगठन काफी कमजोर नजर आता है. एक समय था जब कांग्रेस सेवा दल, महिला कांग्रेस, सर्वोदय, यूथ कांग्रेस जैसे संगठन पार्टी के लिए खूब काम करते थे. उनका संपर्क सीधा लोगों से था और सरकार की नीतियों और योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचना सरल हो जाता था. परंतु पिछले काफी समय से ये सभी संगठन सुस्त नजर आते हैं. राज्य में सरकार होने के बावजूद वोटरों तक बात न पहुंचा पाना यही बताता है
  3. मुद्दों का सही चयन ना होना– कांग्रेस की हार की सबसे बड़ी वजह सही मुद्दों के चयन की कमी रही. कांग्रेस के ज्यादातर बड़े नेता अनावश्यक मुद्दों पर ही बात करते रहें. समाज से जुड़े मुद्दों पर समाज के सामने अपनी विचारधारा को सही तरह से नहीं रख सके. समाज की मूलभूत आवश्यकताओं पर बात करने के बजाये कांग्रेस और अन्य दल जातिगत जनगणना जैसे अनावश्यक मुद्दों पर ही चर्चा करती रही.
  4. नेतृत्व में विश्वास की कमी – सबसे बड़े कारणों में एक कारण यह भी है कि कांग्रेस का नेतृत्व कमजोर दिखने लगा है. हालांकि भारत जोड़ा यात्रा से राहुल गांधी को एक मास लीडर (जन-नेता) के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की गई. वह यात्रा जहां-जहां से गुजरी, वहां-वहां लोग जुड़ते भी दिखे, मगर जब तक भीड़ वोटों में तब्दील न हो, तब तक किसी भी नेता का जन-नेता बन पाना मुश्किल है.
  5. एकता की कमी– राजस्थान जैसे राज्य में कांग्रेस की हार की सबसे बड़ी वजह आपस में एकता की कमी को माना जा सकता है. वर्ष 2018 में सरकार बनने के बाद से ही राज्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच अनबन की ख़बरें आती रही. दोनों के बीच CM पद की होड़ ने राज्य में कांग्रेस को राज्य में कमजोर किया, जिसका सीधे तौर पर फायेदा बीजेपी को मिला. छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जिसके बारे में हम मानकर बैठे थे कि यहां भूपेश बघेल सत्ता बचा लेंगे. यहां बीजेपी ने देर से काम शुरू किया. यहां शायद करप्शन के मुद्दे के कारण कांग्रेस को नुकसान हुआ. राज्य में बीजेपी का अटैक लगातार साम, दाम, दंड, भेद के तौर पर बना रहा

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