नीतीश कुमार- बिहार के पलटूराम मुख्यमंत्री ने फिर से ली सीएम पद की शपथ, 9वीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार

नीतीश कुमार

बिहार की राजनीति में पलटू राम के रूप में विख्यात नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अपने आप को अलग करते हुए फिर से बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया है। बिहार के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में वर्ष 2020 से कार्यरत नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा के समर्थन से 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है।

नीतीश कुमार को बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने रविवार शाम 5:00 बजे पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जबकि भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष रहे विजय सिंह को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। नीतीश सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं और दोनों ही भाजपा के कोटे से हैं। नीतीश के साथ कुल 8 मंत्रियों ने भी शपथ ली है।

नीतीश 9.0 में भाजपा से तीन मंत्री

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ शपथ लेने वाले 8 मंत्रियों में से तीन भाजपा के और तीन जदयू के जबकि एक-एक हम और निर्दल से हैं। भाजपा की तरफ से सम्राट चौधरी, विजय सिंह और डॉक्टर प्रेम कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली है जबकि जदयू की तरफ से विजेंद्र प्रसाद, श्रवण कुमार और विजय कुमार चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली है।

वहीं हम की ओर से संतोष कुमार सुमन को जबकि नीतीश को अपना समर्थन देने वाले निर्दल विधायक सुमित सिंह को मंत्री के रूप में चुना गया है।

तो नीतीश कुमार ने बिना बात किए छोड़ महागठबंधन

लालू प्रसाद यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने मीडिया से बातचीत में बताया कि नीतीश कुमार गठबंधन छोड़ रहे हैं, इस बात की जानकारी भी उन्हें न्यूज़ चैनलों के जरिए मिली है। शनिवार को हमारी मीटिंग हुई थी इस विषय पर लेकिन उस समय तक नीतीश कुमार की तरफ से इस तरह की कोई बात नहीं की गई थी और न ही हम लोगों ने नीतीश कुमार या उनकी पार्टी के किसी सदस्य से इस विषय पर कोई कांटेक्ट किया है।

सरकार गिरने से पहले लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के बीच बातचीत के सवाल पर लाल यादव की बेटी मीसा भारती ने कहा कि हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि दोनों के बीच कोई बातचीत हुई है। न हीं नीतीश कुमार की तरफ से और न ही लालू प्रसाद यादव की तरफ से महागठबंधन तोड़ने से पहले किसी प्रकार की बैठक करके बातचीत करने की कोई सूचना मिली थी।

नीतीश कुमार पर विपक्षी कस रहे तंज

महागठबंधन छोड़कर फिर से भाजपा से हाथ मिलाने के बाद तेज प्रताप यादव ने नीतीश पर तंज करते हुए बोला कि गिरगिट तो बस यूं ही बदनाम है, रंग बदलने की रफ्तार को देखते हुए नीतीश कुमार को गिरगिट रत्न से सम्मानित करना चाहिए। उन्होंने नीतीश कुमार को पलटिस कुमार भी कहा।

राजद नेता तेजस्वी प्रसाद ने भी नीतीश के गठबंधन छोड़ने के बाद बोला कि बिहार में अभी खेला होना बाकी है। हमारे 17 महीने के भीतर बिहार में किए गए कामों की बराबरी जदयू और भाजपा के 17 साल में किए गए काम भी नहीं कर सकते।

वहीं बिहार के सियासी घटनाक्रम पर शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत ने कहा कि नीतीश तो आते जाते रहते हैं। अभी अयोध्या में राम आए तो बिहार में पलटू राम आए। संजय राउत बोले कि अमित शाह ने भी कहा था कि नीतीश को कभी अपने साथ में नहीं लेंगे, सबसे बड़े पलटू राम तो बीजेपी के लोग हैं।

Must Read– Bihar Politics- इतनी बार नीतीश कुमार ने मारी पलटी, ऐसे ही नहीं कहा जाता पल्टूराम नीतीश

https://anandcircle.com/wp-admin/options-general.php?page=ad-inserter.php#tab-6

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
इस देश में सैकड़ों सालों तक धधकते रह सकते हैं ज्वालामुखी किसने दिया था “भारत भारतीयों के लिए” का नारा पहली बार इतने लोगों को मिला भारत रत्न पुरस्कार, जानिए सभी के नाम Munawar Faruqui- कौन हैं बिग बॉस 17 के विनर मुनव्वर फारुकी Bihar Politics- इतनी बार नीतीश कुमार ने मारी पलटी, ऐसे ही नहीं कहा जाता पल्टूराम नीतीश