Bihar- इतनी बार नीतीश कुमार ने मारी पलती, ऐसे ही नहीं कहा जाता पल्टूराम नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर पलटी मार ली है

कभी 'मर जाना कबूल लेकिन बीजेपी के साथ जाना नहीं' कहने वाले नीतीश कुमार ने उसी बीजेपी के साथ फिर से गठबंधन कर लिया है

30 जनवरी 2023 को पटना के गांधी घाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे नीतीश कुमार ने ये बयान दिया था

बार बार पलटी मार कर मुख्यमंत्री पद का स्वाद चखने वाले नीतीश कुमार ने अपनी राजनीती में कई बार पलटी मार चुके हैं

नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव के साथ अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की थी

लेकिन बिहार में लालू प्रसाद का कद बढ़ने के बाद महत्वकांक्षी नीतीश ने पहली बार 1994 में पलटी मारी थी 

फिर लगभग 17 साल तक बीजेपी के साथ गठबंधन में रहने के बाद साल 2013 में नीतीश कुमार भाजपा से अलग होकर अकेले ही लोक सभा चुनाव लड़ें

साल 2015 में नीतीश कुमार ने राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन बना कर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा

2017 में नीतीश कुमार ने फिर से महागठबंधन छोड़ कर बीजेपी से हाथ मिला लिया

2017 में नीतीश कुमार ने फिर से महागठबंधन छोड़ कर बीजेपी से हाथ मिला लिया

ये गठबंधन भी 2020 में टूट गया और नीतीश फिर से महागठबंधन में शामिल हो गए 

4 साल तक महागठबंधन में रहने के बाद नीतीश कुमार ने 6वीं बार पलटी मारते हुए फिर से बीजेपी से हाथ मिला लिया है

इस तरह से 6वीं बार नीतीश ने राजनैतिक पलटी मारी है. इसीलिए उन्हें बिहार की राजनीति का पल्टूराम कहा जाता है