इस नाम से जानी जाएगी रामलला की मूर्ति जिसकी राम मंदिर में हुई है प्राण प्रतिष्ठा

22 जनवरी 2024 से रामलला 496 वर्षों के वनवास के बाद अपने भवन में विराजमान हो गए हैं

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए अरुण योगिराज द्वारा निर्मित मूर्ति का चयन हुआ था

अरुण योगिराज ने रामलला की मूर्ति के लिए शालिग्राम की कृष्णशिला का उपयोग किया था

राम मंदिर में प्रतिष्ठित की गई भगवान राम की नई मूर्ति को बालक राम के नाम से जाना जाएगा

22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल रहे पुजारी अरुण दीक्षित ने बताया- नई मूर्ति का नाम बालक राम रखने का कारण यह है कि प्रभु एक बच्चे की तरह दिखते हैं, जिनकी उम्र 5 साल है।

रामलला की पुरानी मूर्ति, जो पहले एक अस्थायी मंदिर में रखी गई थी। उसे भी नई मूर्ति के सामने रखा गया है।

5 साल के बालक रूप में विराजमान रामलला का सोने के आभूषणों से श्रृंगार देख लोग भाव-विभोर हो गए।

रामलला की प्रतिमा को 5 किलो सोने के जेवरात पहनाए गए हैं। नख से ललाट तक भगवान जवाहरातों से सजे हुए हैं।