भूकंप के लिहाज से जापान बेहद संवेदनशील देश है। इसका कारण है यहां मिलने वाली धरती की सबसे अशांत टेक्टोनिक प्लेट्स

यहां पर पेसिफिक प्लेट, फिलिपींस प्लेट और अमरीकी प्लेट के नीचे जा रही है। यही कारण है कि जापान में हर साल छोटे-बड़े करीब एक हजार भूकंप आते हैं

जापान पेसिफिक रिंग ऑफ फायर के क्षेत्र में आता है। इस रिंग ऑफ फायर का असर न्यूजीलैंड से लेकर अलास्का, उत्तर अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका तक होता है।

जापान चूंकि भूकंप का केंद्र हैं इसलिए जापान में भूकंप की मॉनिटरिंग करने का सिस्टम काफी मजबूत और अपडेट है

जापान में हर साल छोटे-बड़े करीब एक हजार भूकंप आते हैं.

टेक्टोनिकल प्लेट में तेज हलचल होती है. इसके अलावा उल्का के प्रभाव, ज्वालामुखी में विस्फोट या फिर माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग के कारण भी भूकंप महसूस किया जा सकता है

जापान में मार्च 2011 में 9 तीव्रता वाले भूकंप के कारण जबर्दस्त सुनामी आई थी। तब उठी सुनामी की लहरों ने फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को तबाह कर दिया था।