1974 में नरेश गोयल ने अपनी माँ से लिए उधार के पैसों से अपनी ट्रेवल एजेंसी जेट एयरवेज शुरू की थी.

पिता की मौत के बाद नरेश गोयल ने 300 रुपये मासिक की सैलरी पर एक ट्रेवल एजेंसी में नौकरी भी की थी.

एयरलाइन्स बिज़नस की बारीकियां उन्होंने इराकी एयरवेज में मेनेजर बनकर सीखी थी.

1993 में जेट एयरवेज भारत की ऑफिसियल एयरलाइन में शामिल हो गया था.

उनकी किस्मत ऐसी बदली कि वह जल्द ही एयरलाइन की दुनिया में बड़ा नाम हो गए. एक वक्त तो देश के अमीरों की लिस्ट में वह फोर्ब्स की सूची में 16वें नंबर पर भी आए थे

वर्ष 2006 में नरेश गोयल ने एयर सहारा को भी खरीद लिया था. तब तक उनके पास 100 विमान हो गए थे

वर्ष 2019 तक जेट एयरवेज की हालत इतनी खराब हो गई कि कर्ज के कारण एयरलाइन्स को बंद करना पड़ा

कंपनी पर कुल 8500 करोड़ का कर्जा हो चूका था

नरेश गोयल पर केनेरा बैंक ने 538 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है

ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने कथित बैंक धोखाधड़ी के सिलसिले में पिछले साल एक सितंबर को नरेश गोयल को गिरफ्तार किया था. वह अभी मुंबई के आर्थर रोड जेल में न्यायिक हिरासत में हैं