स्वामी विवेकानंद वर्ष 1893 में धर्म संसद में शामिल होने अमेरिका गए थे

धर्मसंसद में स्वामी विवेकानंद भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे

अमेरिका के शिकागो में होने वाले धर्मसंसद में शामिल होने के लिए स्वामी विवेकानंद ने अनेक परेशानिया झेली थीं

धर्म संसद में शामिल होकर स्वामी विवेकानंद दुनिया को भारत के दर्शन का ज्ञान कराना चाहते थे

11 सितम्बर 1893 को आयोजित हुए धर्म संसद में आखिरकार विवेकानंद को बोलने का मौका मिला

धर्म संसद में उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए "अमेरिका के मेरे भाइयों और बहनों" कहा

जैसे ही उन्होंने ऐसा कहा वहां बैठे लोगों ने खड़े होकर स्वामी विवेकानंद के लिए तालियाँ बजाई

उस संसद में उन्होंने वेदांत के सिद्धांतों, उनके आध्यात्मिक महत्व आदि का वर्णन किया। 

इसके बाद वे लगभग ढाई वर्ष अमेरिका में ही रहे और न्यूयॉर्क की वेदांत सोसायटी की स्थापना की

स्वामी विवेकानंद ने दर्शन, अध्यात्मवाद और वेदांत के सिद्धांतों का प्रचार करने के लिए यूनाइटेड किंगडम की भी यात्रा की।